एक शब्द है Infinity "इनफिनिटी" जिसे (∞) से निरूपित करते हैं जिसका शाब्दिक अर्थ अनंत है यानी जिसका कोई अंत ना हो कोई सीमा ना हो। यह एक लैटिन भाषा के दो शब्दों इन (अन्) और फिनिस (अंत) की संधि है।
आज से लगभग 43 साल पहले 1977 में अगस्त और सितंबर महीने में अमरीकी स्पेस एजेंसी नासा ने स्पेस सेंटर केप कनावरल, फ्लोरिडा से दो अंतरिक्ष यान धरती से रवाना किए थे जिनके नाम वोएजर 1 और वोएजर 2 थे इन दोनों ही यानों को छोड़ने का उद्देश्य अंतरिक्ष को और अंदर तक खंगालना था आज की तारीख में दोनों यान पृथ्वी से क्रमशः 22 अरब किलोमीटर और 18.4 अरब किलोमीटर दूर जा चुके हैं इस दूरी का एहसास यदि करना हो तो सिर्फ इस बात से पता लगाया जा सकता है कि साल 2017 में जब रेडियो सिग्नल के द्वारा पृथ्वी से इन यानो को संदेश भेजा गया तो इन सन्देशों को जाने में क़रीब 38 घंटे लगते थे वो भी तब जब ये रेडियो सिग्नल, 6 सेकेंड में एक किलोमीटर की दूरी तय करते हैं, यानी रौशनी की रफ़्तार से चलते हैं वहीं वोएजर 2 से धरती तक संदेश आने में 30 घंटे लगे थे।
पहला यान वॉएजर 1 हमारी आकाशगंगा जिसे हम Milkyway कहते हैं को भी पार कर चुका है और अनंत ब्रह्मांड में खोता चला जा रहा है क्योंकि समय के साथ यह दोनों ही यान अब बूढ़े हो चले हैं वही सूर्य से बढ़ती दूरी इनके इलेक्ट्रिकल पावर को कमजोर करती जा रही है।
खैर 14 फरवरी 1990 को वोएजर 1 द्वारा पृथ्वी से 600 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर ली गई यह तस्वीर इस अनंत ब्रह्मांड में हमारे अस्तित्व का हमें एहसास कराती है जहां पृथ्वी इस अनंत ब्रह्मांड में धूल के एक कण के बराबर दिख रही है और कोरोना जैसी महामारी तो एक नाम मात्र का तिनका लगती है।फिर इंसान को अपने अस्तित्व पर इतना घमंड क्यों है?
By - Pankaj Sharma

